मेरी कविता


 मेरा अस्तित्व 
मेरी आवाज 
मेरे शब्द 
मेरी पीड़ा 
मेरे अहसास 
मेरी करूणा 
( गाय, सीता , सुंदर सुशील ,सीधी सादी,  बेचारी , मूंग  लड़कियां बोलने लगी है।)  
कभी पढ़ो तो हमें 

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